painless-delivery-in-hindi

Painless Delivery in Hindi: जाने कुछ ज़रूरी बातें

ज्यादातार महिलाएं प्रसव पीड़ा के बारे में चिंता करती हैं और वे इसे कैसे सहन करेंगी। कुछ महिलाओं के अनुभव सुनकर आपको पता चलेगा की प्रसव की प्रक्रिया दर्दनाक तो होती है मगर दर्दनाक होने के बावजूद आप इन्हे सहन कर सकते है और कई बार तो बिना किसी चिकित्सकीय हस्तक्षेप के भी| 

प्रिय वर्मा, अपने 34वें हफ्ते में सीताराम भरतीया की कंसलटेंट gynecologist- obstetrician  डॉ अनीता सभरवाल के पास आई| पूरे तरीके से जाँच कराने के बाद प्रिया ने  painless delivery (in hindi)  के बारे में कुछ ज़रूरी सवाल पूछे|

“क्या बिना दर्द के नार्मल डिलीवरी संभव है?”

“हम महिलाओं को बिना दर्द के नार्मल डिलीवरी के विकल्पों के बारे में जानकारी देते है लेकिन हम नहीं चाहते की उन्हें ऐसे विकल्पों की ज़रूरत पड़े| हम मानते है माँ की इच्छा शक्ति और आत्म- विश्वास ही उन्हें एक नार्मल डिलीवरी के लिए सबसे ज़्यादा प्रेरित करता है|” 

“मगर कुछ महिलायें जिन्हें painless delivery की आवश्यकता होती है, उनके लिए एपीड्यूरल उपलब्ध है| एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के इस्तेमाल से बच्चे के जन्म की प्रक्रिया को दर्द रहित बनाया जा सकता है।”

“यह एपिड्यूरल एनेस्थीसिया क्या है?”

“जब आप 10 मिनट में कम से कम 3 संकुचन अनुभव कर रहे होते हैं यानी आपका लेबर सक्रिय (active labour)  है, इसी दौरान दर्द से राहत पाने के लिए एपिड्यूरल का उपयोग किया जाता है| एक एनेस्थेसियोलॉजिस्ट पीठ के निचले हिस्से में एक इंजेक्शन देता है और  एक प्लास्टिक ट्यूब के माध्यम से आपकी रीढ़ की हड्डी के चारों ओर दवा जाती हैं।” 

प्रिया हैरान थी की ऐसा भी कुछ हो सकता है जो दर्द से रहत पाने में मददगार रहेगा| डॉ अनीता आगे उन्हें इसी बारे में समझाती हुई कहती है “एपिड्यूरल शरीर के निचले आधे हिस्से में दर्द और संवेदनाओं को काफी हद तक कम करता है, लेकिन यह हमेशा 100% दर्द से राहत नहीं देता है|” 

प्रिया ने सब सुन कर पुछा

“क्या एपीड्यूरल मेरे और मेरे अजात शिशु के लिए सुरक्षित है?”

“एपीड्यूरल माँ और शिशु, दोनों के लिए सुरक्षित है|”

डॉ अनीता एपीड्यूरल के बारे में कहती हैं “लेबर का दौरान जब अन्य विकल्प आपके लिए काम ना करे, तब एपीड्यूरल आपके लिए बहुत सहायक हो सकता है|”

और बताती है कुछ फायदे, 

“थकावट और चिड़चिड़ापन से राहत प्रदान करने के लिए एपीड्यूरल उत्तम मन जाता है| इसके आलावा एपीड्यूरल आपको आराम दिलाता है और लेबर पर ध्यान देने में सहायता करता है| “

इसके कुछ मामूली लक्षण हो सकते है जैसे: 

  • आपका लेबर लम्बा हो सकता है| 
  • सुन्न होने के प्रभाव के कारण आप अपने आप को उठने व् चलने में असमर्थ पाएंगे| 
  • आपको चक्कर आ सकते है और कई मामलों में महिलाओं का जी मचल सकता है| 
  • आपको पेशाब करने में कठिनाई हो सकती है और कैथेटर की आवश्यकता होती है।
  • बीपी का अचानक गिरना (जिसके कारण प्लेसेंटा सरकुलेट होता है, फीटल डिस्ट्रेस हो सकता है और एमरजेंसी सिज़ेरियन की ज़रूरत पड सकती है|)
  • एपिड्यूरल का प्रभाव शायद पैची होता है, और महिला दर्द भी महसूस कर सकती है|

क्या एपीड्यूरल ही एकमात्र विकल्प है? / एक Painless delivery के लिए  एपीड्यूरल के अलावा अन्य विकल्प क्या है?

अगर आप एक नार्मल डिलीवरी ही चाहती है, तो आपके लिए दूसरे ऑप्शंस  भी उपलब्ध है, जैसे: 

एनटोनॉक्स: यह  Nitrous oxide और Oxygen का एक मिश्रण  है जो एक मास्क के माध्यम से इनहेल किया जाता है| 

पानी में लेबर: कुछ महिलाओं को गर्म पानी के टब में लेबर करने का विकल्प दिया जा सकता है| पानी से महिला को शांती का अनुभव होता है। इस दौरान आपको प्रशिक्षित नर्सों द्वारा मदद मिलती है और ऐसे एक आरामदायक स्थिति में लाया जाता है| 

“सही सहयोग (Birthing partner and labour room nurse) के साथ, अधिकतम महिलाएं एपिड्यूरल की आवश्यकता के बिना ही लेबर के दर्द का सामना करने में सक्षम होती हैं।”

“मगर कुछ महिलायें जिनका लेबर का समय लंबा होता है, एपीड्यूरल का सहारा लेकर वह भी एक painless delivery का अनुभव कर सकती है|” 

“Painless delivery के लिए यह विकल्प है| इन्हे आप  विकल्प ही माने और तभी उपयोग करें जब ज़रूरत हो| इस विकल्प को आखरी उपाय माने और एक ऐसे डॉक्टर का चयन करे जो आपको नार्मल डिलीवरी के दौरान उठने वाली पीड़ा को सहन करने का आत्मविश्वास दिला सके|” 

प्रिया को समझ आया की painless delivery के ऑप्शंस से ज़्यादा ज़रूरी है एक ऐसा डॉक्टर चुनना जिस के प्रोत्साहन और सहायता से वह नार्मल डिलीवरी का दर्द पूरी क्षमता से सहन कर पाए|

 

START TYPING AND PRESS ENTER TO SEARCH