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सुगर कंट्रोल के 4 सरल तरीके

मधुमेह के होने पर कई लोग सुगर कंट्रोल के घरेलु उपचार और नुस्खे ढूंढते हैं| लेकिन घरेलु नुस्खे आपका शुगर जड़ से खत्म नहीं कर सकता|

“घरेलू उपाय आमतौर पर केवल फाइबर बढ़ाने में मदद करते हैं,” डॉक्टर सिल्विया ऐरीन, सीताराम भरतिया के Consultant Endocrinologist कहती हैं|

अपने डॉक्टर के सलाह से आहार चार्ट बनवाए और यह सुगर कंट्रोल करने के उपाय ध्यान में ज़रूर रखें –

1. मधुसूदनी और दवाओं से ट्रीटमेंट करें

कई प्रकार के दवाओं (oral medicines) से आपका ग्लूकोज नियंत्रण में रहता है| कुछ दवाओं का सेवन भोजन से पहले या बाद किया जाता है और कुछ का भोजन के साथ कोई संबंध नहीं होता|

आपके डॉक्टर आपको दवा के जगह मधुसूदनी (insulin) के इंजेक्शन भी लेने को कह सकते हैं|

  • मधुमेह के एक किस्म की दवा आपके पाचक ग्रन्थि को उत्तेजित करता है| इसको भोजन के ½ घंटे पहले लेने से लाभ होता है|
  • मधुमेह के दवाओं का सेवन आपके स्तिथि और ग्लूकोज लेवल पर निर्भर करता है|
    कुछ दवाओं का सेवन खाना खाने के दौरान भी किया जाता है| यह दवाएं आहार में मौजूद ग्लूकोज का असर शरीर में कम कर देतीं हैं|
  • कुछ मधुसूदनी इंजेक्शन (insulin injections) के प्रकार दिन में 4-5 घंटें काम करतीं हैं और भोजन के 15-20 मिनट पहले लिए जातीं हैं|
    कुछ ऐसे प्रकार के होते हैं जो दिन में एक बार सोने से पहले या नाश्ते से पहले लेते हैं क्योंकि वह 24 घंटें तक काम करतीं हैं |

अपने डॉक्टर के सलाह से दवाओं का सेवन उचित तरीके से करें|

ग्लूकोमीटर (Glucometer) जैसे यंत्र का इस्तेमाल करे क्योंकि इनसे आपके ग्लूकोज पे नज़र रखना आसान हो जाता है|

2. रोज़ 30 मिनट नियमित तौर से टहलें

“अपने रोज़-मर्रा की ज़िन्दगी में आधा घंटा टहलना शामिल करें| हफ़्ते में 5 दिन टहलना आपके शरीर के लिए उतना ही उपयोगी है जितना जिम या स्विमिंग पूल जाना|”

“ऑफिस में ज़्यादा देर तक कंप्यूटर के सामने न बैठें| ADA के अनुसार, बेहतर सुगर कंट्रोल का एक सरल उपाय है हर 30 मिनट थोड़ा टहलना या अपने ही सीट पर स्ट्रेच करना|

3. साबुत अनाज से बने पौष्टिक आहार ज़्यादा खाएं

उच्च कार्ब्स और स्टार्चयुक्त आहार जैसे मैदे की ब्रेड, पास्ता, चावल से परहेज़ करें क्योंकि इनसे आपका ग्लूकोज लेवल शीघ्रता से बढ़ता है|

अपने dietician से ‘कार्ब गिनती’ (carb-counting) के बारे में पूछें| यह विशेष रूप से type 1 मधुमेह के होने पर उपयोगी है|

उचित सुगर कंट्रोल के लिए बाहर का खाना कम करें| अगर आप किसी कारण से बाहर खाते हैं, इन चीज़ों पर ज़रूर गौर करें –

  • पकाने के तरीके पर ध्यान देना ज़रूरी है| ज़्यादा तेल में बना हुआ खाना या क्रीम-युक्त आहार से परहेज़ करें|
  • भोजन करते वक्त ‘food plate method’ का इस्तेमाल करें| ध्यान रखें आपके थाली में 2 servings सब्ज़ियों का हो, 1 serving प्रोटीन जैसे दाल, पनीर या अंडा हो, और 1 serving अनाज जैसे आटा, जुआर, बाजरा का हो| 

  • माँसाहारी खाने का सेवन कोरमा या ग्रेवी के बजाय भुने तरीके से करें|
  • रोज़ भोजन करते समय सलाद खाएं| सलाद खाने से आपके शरीर में फाइबर बढ़ता है और ग्लूकोज लेवल को बेरोक बढ़ने से रोकता है|
  • जंक फूड के आहार से शरीर को बहुत नुक्सान होता है| बाजार में मिलने वाली processed या packaged आहार में हानिकारक fats होतें हैं|
  • हल्का फुल्का (snacks) खाने के लिए फल, छाछ, स्प्राउट या उबले हुए अंडे का सेवन करें| ये चीप्स या बिस्कुट जैसे सुविधाजनक भोजन से बेहतर होंगे|
  • बाहर के खाने के अगले दिन नियमत तोर पर व्यायाम करके कैलोरी बर्न कर लें|

4. अपने वज़न पर संयम रखें

“अपने वज़न पर ध्यान रखें| वज़न कम रहने से आपका शरीर इंसुलिन के प्रति संवेदनशील हो जाता है,” डॉक्टर सिल्विया ने कहा|

सुगर कंट्रोल के अलावा, वज़न पर नज़र रखने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर लेवल में भी सुधार आता है| यह महिलाओं के PCOS जेसे हौर्मोनल समस्याओं को ठीक करने में भी सहायक है|

 

सुगर कंट्रोल की अहमियत

मधुमेह में सुगर कंट्रोल जल्द से जल्द करना ज़रूरी है| अपने डॉक्टर से चिकित्सा में देरी न करें|

सही समय से सुगर कंट्रोल

शुगर का घरेलु उपचार मधुमेह के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद नहीं होता और केवल वक्त ज़ाया करता है|”

प्री-डायबिटीज (pre-diabetes) स्टेज में सही समय से रहन-सहन में परिवर्तन लाने से ग्लूकोज साधारण लेवल तक आ सकता है|

लॉंग-टर्म जटिलताओं को रोकें

सुगर कंट्रोल से मधुमेह-संबंधित अन्य जटिलताओं होने की संभावनाएं भी कम हो जाती हैं जैसे की –

    • तंत्रिकाओं की समस्या (neuropathy)
    • किडनी का रोग (nephropathy)
    • हृदय रोग (heart damage)
    • दौरा (stroke)
    • आंखों का रोग (retinopathy)

सुगर कंट्रोल में न रहने से, 5 साल में आप इनसे प्रभावित हो सकते हैं|

जीवन शैली में सुधार

मधुमेह एक अनुवांशिक (genetic) रोग है| इसका मतलब अगर आपके परिवार में किसी को मधुमेह है, तो आपको यह रोग होने की संभावना ज़्यादा है|

ऐसी स्थितियों में जीवन शैली में बदलाव लाना और भी महत्वपूर्ण होता है| अपने आहार में बदलाव लाए और अपने सुगर लेवल और वज़न पर ध्यान रखें|

सुगर कंट्रोल से मधुमेह नियंत्रण में रह सकता हैं, लेकिन यह रोग जड़ से ख़त्म नहीं हो सकता|” इससे पहले की शुगर के लक्षण बढ़े, अपने डॉक्टर से जल्द चिकित्सा कराए और सही इलाज की जानकारी पाए|

 

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