leucorrhoea

लिकोरिया का इलाज – योनि पर जलन से परेशान?

नीरू वासू को माहवारी होने से पहले योनि स्त्राव (vaginal discharge) अनुभव करने की समस्या बढ़ती चली जा रही थी| साथ ही, कुछ दिनों से उन्हें योनि में जलन भी महसूस होने लगी थी|

“मैंने इंटरनेट पर लिकोरिया (leucorrhoea) का नाम पढ़ा था और मेरे मन में कुछ सवाल भी उठें| लिकोरिया का इलाज (leucorrhea treatment in hindi) ढूंढते हुए मैं सीताराम भरतिया के डॉ. स्वाति सिन्हा के पास आईं,” नीरू ने कहा|

क्या होता है लिकोरिया (leucorrhoea)?

उनके जांच से पहले डॉक्टर स्वाति ने नीरू को समझाया की ज़्यादातर स्थितियों में लिकोरिया (leucorrhoea) का होना कोई चिंता की बात नहीं होती|

“योना और cervix से निकलते हुए घने और सफ़ेद स्त्राव को लिकोरिया (leucorrhoea) कहते हैं और यह एक सामान्य लक्षण है| यदि आपको असाधारण गंध या खुजली महसूस होने लग जाए तब लिकोरिया के इलाज (leucorrhea treatment in hindi) की ज़रुरत पड़ सकती है,” ऐसा कहना है डॉक्टर स्वाति का|

क्या मुझे लिकोरिया इलाज की ज़रुरत है?

लिकोरिया का इलाज तब करने की ज़रुरत पढ़ सकती है जब आपको यह लक्षण महसूस हो रहें हो –

  • हरा या पीला-सा घना स्त्राव
  • तेज़ दुर्गन्ध
  • योनि या उसके आस-पास खुजलाहट और जलन होना
  • माहवारी के आलावा रक्तस्त्राव या spotting
  • यौन-संबंध के बाद रक्तस्त्राव

“असाधारण योनि स्त्राव होने के कई कारण हो सकतें हैं जिनमे से इन्फेक्शन (vaginal infection) एक कारण है|”

यौन संचारित रोगों (STI या Sexually Transmitted Infection) के वजह से भी आपके शरीर में लिकोरिया (leucorrhoea) के लक्षण हो सकतें हैं|

नीरू के जांच के बाद उन्हें पता चला की उन्हें vaginal yeast infection हुआ है|

3 में से 4 महिलाओं को जीवन में एक बार yeast infection होता ही है| यह एक बहुत साधारण बीमारी है जिसका इलाज आसानी से किया जा सकता है| इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है,” डॉक्टर स्वाति ने समझाया|

यह ध्यान में रखें की 2 माहवारी के बीच ovulation के दिनों में आपको थोड़ा ज़्यादा स्त्राव निकलता हुआ महसूस हो सकता है| घबराएं मत और इस समय कुछ दिनों तक panty-liner पहने रखें|

यदि आपके मन मैं फिर भी सवाल रहें तो आप जाँच करवाने आ सकते हैं| आपके चेक उप के बाद ही आपके ट्रीटमेंट के उपाय निश्चित किए जाएंगे|

लिकोरिया ट्रीटमेंट के उपाय

“लिकोरिया का इलाज (leucorrhea treatment in hindi) का अहम कदम शारीरिक स्वच्छता है|”

डॉक्टर के सलाह से नीरू ने अपने रोज़-मर्रा की ज़िन्दगी में कुछ लिकोरिया के घरेलु उपाय लागू करें –

  1. आइस पैक या गीली पट्टी लगाके खुजलाहट और जलन से राहत पाना
  2. pH-balanced उत्पादों का इस्तेमाल करना (जैसे sanitary नैपकिन)
  3. शारीरिक स्वच्छता बरतने के लिए अंदरूनी वस्त्रों को साफ़ रखना| माहवारी के समय sanitary नैपकिन ज़्यादा देर तक न पहनना|
  4. शारीरिक संबंधों के दौरान बांधा गर्भ-निरोधक (Barrier Contraceptives) जैसे कंडोम का इस्तेमाल करना|

लक्षणों को कम करने के लिए डॉक्टर ने नीरू को कुछ दवा और anti-fungal क्रीम दिए| डॉक्टर के परामर्श से संतुष्ट, नीरू को शारीरिक स्वच्छता के महत्व का एहसास हुआ|

“डॉक्टर स्वाति के मदद से मेरी चिंता दूर हुई और मैंने अपने योनि के स्वच्छता पर ज़्यादा ध्यान देने का निर्णय लिया| कुछ ही हफ़्तों बाद मेरे सेहत में सुधार आने लगा और मैं बेहतर महसूस करने लगी|

डॉक्टर स्वाति सिन्हा, जिन्हे High-Risk Obstetrics में दिलचस्पी है, ने इस लेख में अपना सहयोग दिया है|

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