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Fibroid in Hindi – रसौली का Meaning, इलाज और अन्य टिप्स!

क्या आप जानते हैं की अधिकतर परिस्थितियों में महिलाओं को रसौली के लक्षण महसूस नहीं होते? इस वजह से कई परिस्थितियों में इनकी पहचान नहीं हो पाती|

ललिता जैन और उनके पति, नीरज, कुछ महीनों से गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे थे| जब वह एक दिन अपने routine ultrasound करवाने गए, तब ललिता के रिपोर्ट में रसौली (fibroid meaning in hindi) का पता लगा|

“घर आकर मैंने fibroid meaning in hindi की तहकीकात नेट पर भी की, क्योंकि रसौली (fibroid in hindi) जैसा शब्द मैंने पहली बार सुना था,” ऐसा कहा ललिता ने|

इन ही की तरह, फातिमा शेख के गर्भाशय (uterus) में भी रसौली का diagnosis उनके वार्षिक शारीरिक जांच (annual health checkup) पर हुआ|

दोनों महिलाएं अपने अवस्था से व्याकुल थीं| वह अपने प्रश्नो के जवाब ढूंढने सीताराम भरतिया के डॉक्टर स्वाति सिन्हा के पास आईं और चेक-उप के दौरान उन्होंने डॉक्टर से अपने सवाल पूछें|

क्या मतलब होता है रसौली का (what do you mean by fibroid)?

“रसौली (fibroid in hindi), जिन्हे fibroid या leiomyoma भी कहा जाता है, गर्भाशय में मौजूद ट्यूमर होते हैं| घबराने की बात नहीं हैं क्योंकि यह ज़्यादातर स्थितियों में घातक या cancerous नहीं होते,” ऐसा कहना है डॉ. स्वाति का|

यदि आपको लग रहा हो की आप रसोली की प्रॉब्लम से गुज़र रहें हो, तो इन लक्षणों पर ध्यान दें –

  • भारी रक्तस्राव या कई दिनों तक माहवारी का चलना
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द होना
  • बार बार पेशाब करने की इच्छा होना
  • कब्ज़
  • पीठ या पैर में दर्द होना (जो माहवारी से पहले बढ़ जाए)

गर्भावस्था के दौरान रसौली (fibroid in pregnancy in hindi)

डॉक्टर स्वाति ने ललिता को समझाया की गर्भावस्था के दौरान रसौली के ऑपरेशन की ज़रुरत नहीं होती|

“चिंता न करें क्योंकि रसौली होने के बावजूद भी कई महिलाएं नार्मल डिलीवरी से ही बच्चो को जन्म देती हैं| गर्भावस्था के दौरान रसौली (fibroid in pregnancy in hindi) होना भी हमेशा चिंता का कारण नहीं होता|”

रसौली का आपके गर्भस्थ शिशु पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ता|

क्या रसौली खुद से ठीक हो सकते हैं (can fibroids go away on their own)?

कई महिलाओं को जीवन-काल में रसौली (fibroid meaning in hindi) होता है लेकिन हमेशा ट्रीटमेंट की ज़रुरत नहीं पढ़ती| कभी-कबार रसौली खुद ही बड़े या छोटे हो जाते हैं|

आपके डॉक्टर आपको ‘wait and watch’, यानि की रसौली पर निगरानी रखने की सलाह भी दे सकते हैं|

यदि आपको ज़्यादा दर्द होने लगे तो आपको pain-killer दिया जा सकता है| लेकिन अगर आपके लक्षण आपके रोज़-मर्रा के ज़िंदगी में परेशानी खड़ी कर रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह से जल्द fibroid का इलाज करवाएं|

क्या होता है रसौली का इलाज न कराने से (what happens if fibroids go untreated)?

शुरू में, ललिता और फातिमा दोनों ट्रीटमेंट करवाने से हिच-किचा रही थीं|

उन्होंने डॉक्टर स्वाति से पुछा – “इलाज न कराने का मेरे रोज़ की ज़िंदगी में क्या परिणाम हो सकता है?”

“ऐसा हो सकता है की इलाज न करवाने से रसौली की मात्रा और आकार बढ़ती चली जाए| इस वजह से आपके पेट के दर्द और रक्तस्त्राव जैसे लक्षण और ज़्यादा बढ़ सकते हैं|”

क्या मेरा इलाज घरेलु उपायों से किया जा सकता है (how can I treat fibroids naturally)?

“हलाकि इसका इलाज घरेलु उपाय से नहीं हो सकता| किन्तु रसौली का सर्जरी के बिना ट्रीटमेंट (fibroid treatment without surgery) दवाओं के सेवन से किया जा सकता है|”

जब फातिमा को पता चला उन्हें ट्रीटमेंट की ज़रुरत नहीं है, वह आश्वस्त हो गईं| फातिमा के follow-up जाँच पर पता चला की उनके रसौली के लक्षण धीरे-धीरे सुधरने लगे थे और उनकी तबियत भी बेहतर होने लगी थी|

डॉक्टर स्वाति ने ललिता और फातिमा को स्वस्थ रहने के लिए हरी-भरी सब्ज़ियां खाने को कहा और रोज़ नियमित तौर पर व्यायाम करने की भी सलाह दी|

यह सुनकर दोनों महिलाएं को डॉक्टर स्वाति के सलाह से प्रोत्साहन मिला और वह चिंतामुक्त हो गईं|

कुछ हफ़्तों बाद ललिता फिर चेक-उप करवाने आईं| जांच के बाद पता चला की उनकी हालत पहले से बेहतर हो गईं थी और वह नार्मल गर्भावस्था और नार्मल डिलीवरी की उम्मीद कर सकती थीं|

प्रतिभाशाली Obstetrician-Gynaecologist डॉक्टर स्वाति सिन्हा के सहयोग से यह लेख लिखा गया है| डॉक्टर स्वाति 15 वर्षों से महिलाओं को स्वस्थ जीवन जीने की सलाह दे रही है|

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