फिशर से राहत पाने के सुरक्षित तरीके – ज़रूर पढ़े !

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जब एनल केनाल के आस पास किसी तरह का कट हो या चीरा उभर आए तो उसे एनल फिशर या Fissure in ano कहते हैं |

फिशर के लक्षण

“अगर आप सख्त मल या शौंच करते हुए दर्द महसूस करते हैं या आपको खून निकलते हुए दिखाई देता हैं तो यह फिशर के लक्षण हो सकते हैं,” डॉ अमरचंद बजाज, सीताराम भरतिया के सीनियर सर्जन ने कहा।  

फिशर होने की संभावना  20-40 साल की आयु के लोगों में ज़्यादा होती है| अक्सर लोग फिशर को बवासीर (piles) समझते हैं क्योंकि दोनों के लक्षण एक जैसे होते हैं।   

फिशर के इलाज के लिए उसकी सही पहचान अनिवार्य है।  

जल्द ही अपने डॉक्टर से जाँच कराएँ और नीचे दिए गए तरीकों द्वारा फिशर से राहत पाने की कोशिश करें।  

सर्जरी के बिना Fissure Treatment (in Hindi)

“90% मामलों में  फिशर ट्रीटमेंट सर्जरी के बिना किया जा सकता है,” कहते हैं डॉ अमरचंद |

शुरुआती दौर में फिशर को दवाईयों से ठीक किया जा सकता है |

सही दवाईयों और उपचारों का उपयोग करने का तरीका जानें 

1. लोकल मलम 

संपूर्ण जांच के बाद, सर्जन आपको मलम या क्रीम लगाने दे सकते हैं | इनसे दर्द और सूजन कम होती है|

2. खाने वाली दवा

फिशर का दर्द दूर करने के लिये सर्जन आपको फिशर की दवा दे सकते हैं |

अकसर सर्जन मल नरम करने की दवा (laxative) भी देते है|

3. सिट्ज़ स्नान (Sitz Bath)

एक बेसिन में गर्म पानी डालें | एक उंगली डाल के देखें की पानी ज़्यादा गर्म न हो |

अब धीरे से बेसिन में कमर के बल बैठें और इस स्थिति में लगभग 5-10 मिनट तक रहें |

“सर्जन के सलाह से सिट्ज़ स्नान करना जरूरी है,” डॉ अमरचंद ने कहा |

सर्जरी द्वारा फिशर का इलाज (Fissure Surgery)

आपको कैसे पता चलेगा कि आपको फिशर के ऑपरेशन की आवश्यकता है? यह रहे कुछ कारण

  • 8-12 हफ्ते से ज़्यादा अगर फिशर रहे |
  • अगर फिशर का दर्द या खून बहना दवाओं से ठीक ना हो |
  • अगर स्किन टैग्स या सेंटिनल पाइल्स फिशर के सामने भाग मे उभरे |

“सर्जरी से डरना नहीं चाहिए! सर्जरी की प्रक्रिया कुछ मिनटों की होती है (daycare surgery) | आप उसी दिन घर जा सकते हैं और रोज़ का कार्य अगले दिन से आरंभ कर सकते हैं |”

फिशर में परहेज़

आपको एनल फिशर होने पर क्या करना चाहिए? आगे पढ़ें फिशर ट्रीटमेंट के कुछ इलाज

1. आहार में परिवर्तन

सर्जरी के बाद आप उसी दिन से साधारण भोजन खा सकते हैं | आपको उन भोजन का उपयोग करना चाहिए  जिनमे बहुत फाइबर होता है जैसे कि

  • भूरे रंग की रोटी, भूरे रंग का ब्रेड
  • फल जैसे सेब, पपीता, केला

याद रहे कि  माँसाहारी खाने से कब्ज होने की संभावना बढ़ सकती है |

2. धूम्रपान और शराब से परहेज़  

सर्जरी के बाद धूम्रपान और शराब से इनफ़ेक्शन का खतरा बढ़ जाता है | इनसे बिमारियाँ बढ़ने की संभावना ज़्यादा हो जाती है|

3. पानी का सेवन ज़्यादा करें

मौसम के अनुसार अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें | इससे आपका मल नरम होगा और एनल फिशर होने की संभावना कम होगी |

अधिकांश लोगों का इलाज बिना फिशर सर्जरी के किया जा सकता है | इससे पहले की सर्जरी की ज़रुरत पड़े, सही उपचार योजना के लिए अपने सर्जन से जल्द ही संपर्क करें |

डॉ अमरचंद बजाज से मिलकर अपनी सारे शंकाएँ दूर करें । नीचे दिए गए फॉर्म को भरें और  हमारे दिल्ली के हॉस्पिटल में मुफ़्त में अपॉइंटमेंट बुक करें ।

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