पेशाब में खून आना

पेशाब में खून आना – जानिए इसके 3 कारण

पेशाब में खून आना एक समस्या है जिसका निवारण अतिआवश्यक है | यह एक ऐसा लक्षण है जिसको कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि पेशाब में खून किड्नीस या मूत्रमार्ग में हानि पहुँचने की वजह से हो सकता है | उनमे से सबसे आम कारण है मूत्रमार्ग में कैंसर होना |

क्या पेशाब में खून आना एक साधारण बात है ?

Uric acid in hindi

Uric Acid In Hindi – यूरिक एसिड बढ़ने से हो सकती है ये दो बीमारियाँ

यूरिक एसिड (uric acid in hindi) का बढ़ना एक ऐसी समस्या है जिससे कोई भी कभी भी जूझ सकता है | इनमें से एक थे दीपांकर शर्मा |

दीपांकर शर्मा, 36, को पिछले कुछ दिनों से दोनों पैरों की एड़ियों में एक अजीब सा दर्द होने लगा था (heel pain cause of uric acid in hindi)| यह दर्द तब उठता था जब वह चलने के लिए अपने पैर ज़मीन पर रखते थे |

“जब जब मैं चलने लगता तब तब मेरे एड़ियों में एक चुभन सी होती थी | उन पर थोड़ा सा दबाव पड़ने पर भी दर्द बढ़ जाता था”

पेशाब की नली में पथरी का इलाज

कैसे करे यूरेट्रिक स्टोन का सामना – जानिए पेशाब की नली में पथरी का इलाज

पेशाब की नली में पथरी का अटक जाना एक आपातकालीन समस्या है जिसमे तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है |

जीत नागपाल, एक 35 साल के कंप्यूटर इंजीनियर, को अचानक से निचले पेट के बाएं हिस्से और पेट और जांघ के बीचे के भाग (groin area) में असहनीय दर्द होने लगा | वह दर्द इतना अत्यंत था कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे | उनकी पत्नी ने उनकी इतनी बुरी हालत देख कर उन्हें सीताराम भरतिया के Emergency में ले जाने का फैसला किया |

अस्पताल में पहुँच कर जीत की पत्नी ने वहाँ के on-duty consultants को उनकी हालत के बारे में बताया | जीत तब तक अत्यंत पीड़ा के कारण अपने पेट को ज़ोर से जकड़े हुए थे | उन्हें तुरंत भर्ती कर दिया गया और जांच करने पर डॉक्टरों को आभास हुआ की यह पेशाब की नली में पथरी का केस हो सकता है | उन्होंने बिना किसी देरी के सीताराम भरतिया के सीनियर Urologist,

बार बार पेशाब आना

बार बार पेशाब आना – जानिए इसके 6 कारण

बार बार पेशाब आना एक ऐसी चीज़ है जो हम अक्सर नज़रअंदाज़ करते है यह सोच कर कि यह तो एक मामूली बात है | ख़ास तौर पर बुज़ुर्ग लोग यह मानते है की बार बार पेशाब आना बढ़ती उम्र का एक स्वाभाविक परिणाम है | परन्तु यह सही नहीं है |

बार बार पेशाब अधिक मात्रा में पानी या अन्य तरल पदार्थ पीने से आ सकती है परन्तु जब इन सभी कारणों की ग़ैरमौजूदगी में भी यह होता है तब यह किसी गंभीर परेशानी का संकेत हो सकती है |

सीताराम भरतिया के सीनियर urologist,

Erectile dysfunction in hindi

Erectile Dysfunction In Hindi – पुरुषों में स्तंभन दोष की बीमारी

एक पुरुष के लिए सबसे कठिन समय तब होता है जब वह अपनी पुरूषत्वता ही खो देता है | यह समय है इरेक्टाइल डिसफंक्शन (erectile dysfunction in hindi) या स्तंभन दोष की बीमारी|

इरेक्टाइल डिसफंक्शन (erectile dysfunction in hindi) या स्तंभन दोष पुरुषों में होने वाली एक बहुत ही आम यौन सम्बंधित परेशानी है |

भारत में 40 से ज़्यादा उम्र के कमसेकम 20 प्रतिशत पुरुष इरेक्टाइल डिसफंक्शन से जूझ रहे हैं | और चिंताजनक बात यह है कि यह गिनती बढ़ती ही जा रही है | अब कम उम्र के पुरुष भी इस परेशानी से जूझने लगे हैं |

तो आइए इस बीमारी के बारे में विस्तार से जानते हैं ताकि हम इस गिनती को मिलकर कम कर सके |

What is the meaning of Erectile Dysfunction (in hindi) –

Urethral stricture

Urethral Stricture – Why You May Have Problems Passing Urine

Urethral stricture is a medical condition that makes it difficult to pass urine smoothly. Some people might also feel pain while passing urine.

That’s what Aditya Dahia, a 25-year old professional cyclist went through after a minor cycling accident. He started facing extreme difficulty and pain while urinating. When he did pass urine,

प्रोस्टेट

पुरुषों में प्रोस्टेट का बढ़ना – जानिएं इसके लक्षण और इलाज के उपाय

प्रोस्टेट का असामन्य रूप से बढ़ना एक ऐसी बीमारी है जो 50 – वर्ष से ऊपर लगभग दो में से एक पुरुष को होती है |  इस बिमारी को Benign Prostatic Hyperplasia (BPH) के नाम से जाना जाता है |

परंतु 57 वर्षीय सचिन डागर को इस बीमारी का पता तब चला जब उसने अपने पेशाब करने के पैटर्न में बदलाव महसूस किया |

“पिछले कुछ हफ़्तों से मुझे रात को 5-6 बार पेशाब करने के लिए उठना पढ़ता था | ब्लैडर भरा हुआ होने के बावजूत मुझे पेशाब करने में परेशानी आती थी” सचिन ने अपने लक्षण समझाते हुए कहा |

“और तो और बार-बार शौचाल्य जाने के बाद भी मैं पूरी तरह पेशाब नहीं कर पाता था जिससे मैं पूरे दिन बेचैन रहता था |”

परिस्तिथि गंभीर तब हो गई जब वह बहुत ज़ोर लगाने पर भी पेशाब नहीं कर पा रहा था |

ब्लैडर मूत्र से भर जाने के कारण तीन-चार घंटों के अंदर सचिन के पेट के निचले हिस्से में अधिक दर्द होने लगा |

इससे पहले की समस्या और गंभीर होजाए सचिन ने सीताराम भरतिया के Senior Urologist,

किडनी स्टोन – क्या हैं पथरी के लक्षण, इलाज के उपाय और घरेलू नुस्खे ?

जब कुनाल वर्मा (38) ने देखा कि उसके पेशाब करने की मात्रा असामान्य रूप से बढ़ गई थी तो वह बहुत परेशान हो गया | उसकी चिंता और भी बढ़ गई जब उसको पेशाब करने में कष्ट होने लगा |

“जब बार-बार पेशाब करने से मेरे रोज़मर्रा के कामों को हानि पहुँचने लगी तब मुझसे और रुका ना गया | मैंने एक अच्छे urologist को दिखाने का फैसला किया | मेरे पीठ के दाहिने हिस्से पर भी हल्का-हल्का-दर्द होने लगा था” कुनाल ने कहा |

डॉ.

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