fistula in hindi

Fistula (in hindi) – क्या है भगन्दर के इलाज की अहमियत?

कई दिनों से गुदा (पख़ाना की जगह) में दर्द महसूस होने की वजह से रोहन वाधवा, 38, ने डॉक्टर से जाँच कराने का निर्णय लिया| चिकित्सा करने पर पता चला रोहन को तकलीफ़ गुदा में भगन्दर (fistula in hindi) बनने के कारण हो रही थी|

यह सुनकर हैरान, रोहन को चिंता होने लगी और उन्होंने भगन्दर (fistula in hindi) से संबंधित कुछ अहम सवाल पूछें|

ध्यान में रखें की भगन्दर के लक्षण फिशर और बवासीर के सामान महसूस हो सकते हैं तो अपने डॉक्टर से जाँच करने में देरी न करें!

भगन्दर कैसे होता हैं?

भगन्दर (fistula in hindi) होने पर आपके मलनाली (anal canal) और buttocks के बीच एक सुरंग जुड़ जाती है जिसमे pus भरने लगता है,” ऐसा कहना है डॉक्टर अमरचंद बजाज, सीताराम भरतिया के सीनियर सर्जन, का|

यदि आपको गुदा के आस-पास मवाद (abscess) हो, या बिना drainage के बार-बार मवाद बने तो वहां भगन्दर (fistula in hindi) बन सकता है|

डॉक्टर ने रोहन को यह भगन्दर के लक्षण समझाए –

  • कई दिनों से गुदा के आस-पास दर्द और सूजन का कम न होना
  • पख़ाना से बदबूदार pus या ख़ून का निकलना
  • उठते, बैठते, या खांसते समय गुदा में दर्द होना
  • मलनाली पर संयम न रख पाना (bowel incontinence)

अक्सर कब्ज़ से पीड़ित होने के कारण, रोहन को गुदा में दर्द और असुविधा की आदत सी पड़ गई थी| डॉक्टर ने रोहन को भगन्दर के लक्षण को अनदेखा करने से मना किया और जल्द इलाज कराने की सलाह दी|

कैसे करें भगन्दर (fistula in hindi) का सही इलाज?

रोहन ने भगन्दर के घरेलु इलाज के कुछ सरल तरीकें मांगे, लेकिन डॉक्टर ने उनको इसके खिलाफ सलाह दी|

भगन्दर (fistula in hindi) का इलाज घर पर नहीं किया जा सकता और सर्जरी की ज़रुरत आवश्यक है|  भगन्दर का ऑपरेशन जितनी जल्द हो सके करा लेना चाहिए|”

अगर इनका सही उपचार न किया जाए, या सर्जरी के बाद देख-भाल गलत ढंग से करें, तो भगन्दर (fistula in hindi) के बार-बार होने की संभावना बढ़ जाती है|

डॉक्टर ने रोहन को अपने जीवन शैली में कुछ परिवर्तन लाने को कहा| “इस से सेहत पर असर पड़ता है और भगन्दर के फिरसे होने की संभावना कम होती है|”

  • शाकाहारी खाद्य-पदार्थ ज़्यादा खाएं क्योंकि इनमे फाइबर होता है| यदि आपको कब्ज़ हो या भगन्दर (fistula in hindi) के लक्षण फिरसे महसूस हो तो माँसाहारी आहार कम खाएं|
  • कब्ज़ के इलाज के लिए आप रेचक औषधि (laxative) लें सकते हैं| मल नरम करने के लिए यह उपयोगी हैं तो अपने डॉक्टर के सलाह से इन दवाओं का सेवन करें|
  • सर्जन के निर्देशों के अनुसार सर्जरी के घाव का देख-भाल करें| ज़रुरत पढ़ने पर गुदा के जगह पर गुनगुने पानी से सेंक (sitz bath) करें|

रोहन की सर्जरी सकुशल तरीके से हो गई और वह अगले दिन से ही काम पर लौट गएं| अपने चिकित्सा से संतुष्ट, रोहन अपनी रोज़ की ज़िन्दगी में बदलाव भी लाने लग गएं|

यदि आप भगन्दर उपचार पर दूसरी राय की तलाश में हैं तो दिल्ली में हमारे हॉस्पिटल में नि: शुल्क परामर्श के लिए आएं। नीचे दिए गए फॉर्म को भरें और हमसे संपर्क करें।

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